
श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की शाखाएँ भारत के प्रमुख तीर्थ एवं आध्यात्मिक नगरों में स्थित हैं। ये केंद्र गुरु-शिष्य परंपरा, संन्यास जीवन, धर्म संरक्षण एवं आध्यात्मिक साधना के प्रमुख आधार हैं। प्रत्येक शाखा अखाड़े की प्राचीन परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं समाज सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का मुख्यालय एवं प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र। यहाँ से अखाड़े की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन होता है। हरिद्वार कुंभ में यह अखाड़ा शाही स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठानों में प्रमुख भूमिका निभाता है.
महाकुंभ एवं माघ मेले के अवसर पर निरंजनी अखाड़ा का प्रमुख केंद्र। संत समाज, नागा संन्यासियों तथा धार्मिक आयोजनों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है.
काशी सनातन ज्ञान, वेद, उपनिषद एवं संन्यास परंपरा का प्रमुख केंद्र है। निरंजनी अखाड़ा की उपस्थिति यहाँ गुरु-शिष्य परंपरा तथा वैदिक अध्ययन से जुड़ी हुई है.
सिंहस्थ महाकुंभ के चार प्रमुख स्थलों में से एक। सिंहस्थ के दौरान निरंजनी अखाड़ा की पेशवाई एवं शाही स्नान विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं.
भगवान त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के निकट स्थित निरंजनी अखाड़ा का प्रमुख आश्रम एवं भक्त निवास। नासिक कुंभ के दौरान यह अखाड़े की महत्वपूर्ण शाखाओं में से एक है.
नर्मदा तट पर स्थित यह केंद्र शिवभक्ति एवं संन्यास परंपरा का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है तथा निरंजनी अखाड़ा की पारंपरिक शाखाओं में उल्लेखित है.
उदयपुर में स्थित शाखा अखाड़े की पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों एवं संत समाज के प्रवास का प्रमुख केंद्र है.
माता ज्वालामुखी शक्तिपीठ की पावन भूमि पर स्थित श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का ज्वालामुखी केंद्र शक्ति उपासना, संत परंपरा एवं सनातन धर्म की आध्यात्मिक साधना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।